कोट्स New

ऑडियो

मंच

पढ़ें

प्रतियोगिता


लिखें

साइन इन
Wohoo!,
Dear user,

नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए भाषा के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : hindi

मैं मातृशक्ति हूँ मैं भगिनी मैं सखी मैं ही सहगामिनी सर्व स्वरूप हैं आदरणीय समझो read more

1     2.4K    109    1

तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर read more

1     4.8K    191    2

हारे हुए बन्दे को भी बाजी जीता जाती read more

1     3.4K    227    3

लबों से उफ्फ ना करती थी, आँखें तूने उसकी कभी पढ़ी न read more

1     3.1K    94    4

मैं तो अब भी वही हूँ कशमकश भरे कदम रखते हुए, हाथों में मेघदूत read more

1     1.2K    63    5

ये माना कि हर तरफ पीने के पानी की कमी है लेकिन जीव पर अत्याचार, बारिश की बेरहमी read more

1     2.0K    466    6

न जाने क्यों मिलने पर हमारे ऐतराज़ था बहुत ज़माने को शामिल हो गए सारे एक तरफ और read more

1     823    53    7

जिसे मैंने मुसलमान समझा वो तो एक इंसान read more

1     981    74    8

वसुदेव कूटुंबकम के read more

1     762    71    9

गूंगे बहरे शासन पर या खूनी सिंहासन पर उस बच्ची के जले शरीर पर या अपने देश read more

1     2.3K    119    10

देखने का नजरिया बदल के देख, कपड़ों से कुछ नहीं होता है, गिरती सोच का नतीजा read more

1     889    75    11

ये कविता के जन्म का शब्दश: वर्णन read more

1     24.1K    665    12

वो सिरहाने पड़ा सपना यह बड़ा शहर भी क्या चीज़ है ना read more

2     510    57    13

सड़क पे निजी और धार्मिक कार्यक्रम आज़ादी है आज भीड़ द्वारा संदिग्ध की मार पीट आज़ादी read more

1     5.6K    477    14

ताजग़ी, खुशबू, उफान, गर्माहट और मिठास read more

1     433    21    15

कर के अरदास तुम साथ दोनों का मांग read more

1     61.6K    572    16

तुम एक दिन मेरे सामने, घंटों तक बैठे रहे। तुम हमको देखते एकटक, मैं बेबस देख ना read more

1     2.0K    69    17

मैं था तो नहीं आवाज़, फिर भी कहता सुनता रहा हूँ, कभी सन्नाटे की read more

1     1.1K    70    18

सबला बनना read more

1     445    61    19

जीवन एक अनमोल है भारत का नहीं कोई read more

1     538    53    20

मसलों को मैं तेरे सुलझाता रहूँगा, कर्मठता की राह पर चलाता read more

1     1.9K    73    21

सिर्फ प्रेमिका या पत्नी से इजहार की मजबूरी क्यों परिवार के सदस्य, रिश्ते या read more

1     3.4K    479    22

एक आस है मन मस्तिष्क में, एक आस है जीवन गति में, एक सवेरा आएगा जीवन तम को ले read more

1     1.6K    64    23

एक सैनिक अपने कर्मफल के लिये, स्वर्ग के प्रवेश द्वार पर खड़ा था, मरणोपरांत अंतिम read more

2     16.7K    683    24

मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर read more

2     1.6K    87    25

माखन होती अगर मैं मथुरा read more

1     1.2K    33    26

जो कहता है करता नहीं और जो करता है कहता read more

1     931    449    27

एक आग वो भी थी जो चुपके से भीतर आ गई सोते हुए ग़रीब मजदूरों की जिंदगी read more

1     778    55    28

बोला औकात मत भूलो बुझा दूँगा पानी पर सवार होके read more

1     922    59    29

जब तख्त की ज़ुबाँ बोलनेे लगे अखबार, तो कैसे लिख दूँ कि कलम की ताकत अभी ज़िंदा read more

1     21.5K    67    30