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नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए जोनर के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : tragedy

ये माना कि हर तरफ पीने के पानी की कमी है लेकिन जीव पर अत्याचार, बारिश की बेरहमी read more

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न जाने क्यों मिलने पर हमारे ऐतराज़ था बहुत ज़माने को शामिल हो गए सारे एक तरफ और read more

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गूंगे बहरे शासन पर या खूनी सिंहासन पर उस बच्ची के जले शरीर पर या अपने देश read more

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सड़क पे निजी और धार्मिक कार्यक्रम आज़ादी है आज भीड़ द्वारा संदिग्ध की मार पीट आज़ादी read more

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एक आग वो भी थी जो चुपके से भीतर आ गई सोते हुए ग़रीब मजदूरों की जिंदगी read more

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जब तख्त की ज़ुबाँ बोलनेे लगे अखबार, तो कैसे लिख दूँ कि कलम की ताकत अभी ज़िंदा read more

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इन्द्र देव इस बार कुछ, ज्यादा ही नाराज़ लग रहे हैं, मुसीबत शायद देवलोक में है, जमीन read more

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हर घटना का कारण है, जीवन में जो भी हो रहा है, उसको उसका काम करने दो, वो आपको देख रहा read more

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छोड़ दिया था उस, बच्ची का हाथ आपने, जब वो थी अपनी माँ के कोख़ read more

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करवट बदलने पर भी जो सहम जाते थे चीखें मार -मार कर जो आवाज़ लगाते थे एक पल भी जो read more

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अगर प्यार इसे कहते हैं तो, “इमोशनल अत्याचार “की परिभाषा क्या read more

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सुन नहीं सकूँगी मैं टन - टन ज़िंदगी की ! मैं कौन read more

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कहने को दो-दो घर मेरे, फिर भी मैं पराई हूँ read more

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कभी मैं मीरा सी बनकर पी जाती हूँ विष का प्याला सजा इस बात की है कि मुरली read more

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चुपचाप खामोश और वह फिर तत्पर हो जाती है एक और चुभन सहने के read more

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माँ की हिदायत, उल्हाना मत दिलवाना ! भाई ने कहा, बुज़ुर्गों की नाक मत कटवाना read more

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घूट घूट के मरने से अच्छा, तुम्हे खुशी से जीने की आजादी दी है, तुम्हे मुझसे दूर read more

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तभी चिल्लाने की आवाज आई- छोटू जल्दी से चाय read more

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भेजें थे मैंने इन्सान कैसे हो गये read more

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औरत की अस्मत को यूँ सरेआम बदनाम न कर, औरत देवी भी है, ये घिनौना काम न कर, देवी ही read more

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यह कविता समाज में किसान के साथ होते अन्याय को आवाझ देती है read more

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चाकू की नोक पर नक़ल करने वालों को देख, उसके निश्छल नयनों से फूट पड़ती है - read more

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दिया जलता रहा राह तकता रहा, वो ना आए तेरा रतजगा हो गया। हमदम तेरा हमराह दुश्मन हुआ, read more

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एक पहचान सभी को अपनी प्यारी होती है बदले जो पहचान तकलीफ तो होती read more

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मुखिया हैं हम घर के "शकुन", मुखाग्नि कब मिले इसके लिए तरसना होगा read more

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माफ़ करना अभी मेरा घर बहुत दूर है इस तूफान से अभी मुझे खतरा read more

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माँ क्या सचमुच तुझे आहट भी ना read more

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मेरे जैसा कहा मिलेगा तुम मुझसे यह कहते थे अब के है जो साथ तुम्हारे, तुम ही बताओ read more

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और कर रहे हैं शर्मिंदा सच को, झूठ के झुंड read more

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मोबाइल ही क्या सब कुछ है ? यह करता हूँ मैं अब सबसे read more

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