Quotes New

ऑडियो

मंच

पढ़ें

प्रतियोगिता

भाषा


लिखें

साइन इन
Wohoo!,
Dear user,

नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए जोनर के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : abstract

बस फिर... विस्मृत हो जाता है अंतर्मन में व्याप्त गीता की सीख, मद में read more

1     393    21    53

A supernatural thriller that deals with a deadly conspiracy plotted 350 years ago and takes the readers on an adventure.

नासमझ झूठ परोस अलगाव लाते हैं और समझदार, झूठ बोल, खुशियाँ बाँटते read more

1     653    379    73

क्रोध मेरे आकाश को आया और लगा वो तुम्हें दिखाने बहुत जतन से मना रही हूँ कह कर कि read more

2     206    11    78

मुझे महज एक वस्तु मत समझना व्यंग बाणों का घातक प्रहार भी सहती हूँ। खिलौना नही read more

1     287    55    92

2     368    46    113

पर्याय ही तो है हम एक दूसरे read more

1     203    41    143

मैं जब भी लड़खड़ाया या डगमगाया, माँ तूने रास्ता दिखला भट्काव से बचाया read more

1     166    15    146

चार लोग
© Manjula Dusi

Abstract Comedy +1

क्योंकि मुझे उन्हें है बताना कि हर बार जो दिखता है वो होता नहीं और जो होता है वह read more

1     380    50    152

इस दोज़ख में वो एक जन्नत है, तू मेरी पहली मुहब्बत read more

1     473    19    157

मुन्नी बिटिया की बातों से, पापा थे बस, स्तब्ध read more

1     493    12    158

जलते हुए महल, भूमि पे पड़े शव, और बुद्ध का जन्म, बसन्त का आ जाना। बुद्ध read more

1     290    35    191

तुमसे फिर कोई शिकायत नहीं होगी तुम्हारी ख़ामोशी मेरी यात्रा में एक अनोखा read more

1     299    24    195

मत सोच कि तू चूक गया मत मांग किसी से भीख, दया बढ़ते जा, बढ़ते जा बाधाओं से read more

1     269    45    202

यह तो एक सुखद उपवन है, कलयुग के कहरों read more

2     1.7K    13    209

जद्दोजहद इस, बात की है खुद से, की मैं खुदा से माँगू, या भगवान से read more

2     14.4K    32    228

नदी कहीं खो गई नदी कहीं है ही नहीं अब हर ओर सागर ही सागर है निरा खारा खारा read more

1     273    49    236

नीलम नीलवर्ण से बादल, प्रेयसी के हलकारे read more

1     314    46    239

मैंने अपने आपको उनकी खुशियाँ जीते read more

1     269    46    239

At this moment in history, when we have access to technology, education and Communication our ancestors couldnt even dream of

बेफ़िक्री तो मेरी अब भी, उसी बचपन की गुल्लक में पड़ी read more

1     398    44    240

माँ की ममता होती है अनमोल, उसका नहीं है कोई और read more

2     383    16    244

तमाशबीनी का अधिकार भी, मिलना चाहिए read more

2     266    6    266

घट घट व्यापी महादेव का हर पत्थर में स्पंदन है। अमरनाथ के अमर वंशजों आज read more

1     198    23    306

क्योंकि माँ नुमा ये जिल्द अपने पन्नों, को कभी बिखरते हुए नहीं देख read more

1     75    9    310

नदी-सा बहना सीखो कहते चतुर सयाने, पर बहाव में ही अस्तित्व कोई यह न read more

2     111    8    311

पर यहाँ तुम्हारी ही तरह कई और लोग खड़े हैं पाषाण युग के तेज़ हथियार read more

2     117    1    315

भव्य भगवद्गीता देता है ब्रह्मज्ञान का यही read more

1     369    47    319

तुम जब तक उसे पहचानोगे, वह बदल read more

1     207    42    324

दीपक
© Sneh Goswami

Abstract Drama +1

प्लास्टिक के दीये की भाँति, अब अक्सर फ्यूज हो जाता है read more

1     318    39    327

मैं रच नहीं सकती अपने शब्दों में भी उस रचना को जिसने मुझे रचा read more

1     212    23    334

दर्द-ए-दिल का इलाज ढूँढ़ते, मौत की शै में मिला read more

1     276    15    335