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नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए जोनर के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : abstract

लबों से उफ्फ ना करती थी, आँखें तूने उसकी कभी पढ़ी न read more

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वो सिरहाने पड़ा सपना यह बड़ा शहर भी क्या चीज़ है ना read more

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मैं था तो नहीं आवाज़, फिर भी कहता सुनता रहा हूँ, कभी सन्नाटे की read more

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मसलों को मैं तेरे सुलझाता रहूँगा, कर्मठता की राह पर चलाता read more

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सब फुर्सत में हैं पर वक़्त किसी के पास read more

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बोला औकात मत भूलो बुझा दूँगा पानी पर सवार होके read more

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औकात मेरी क्या है कोई मुझे ना read more

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इत्मिनान में कुछ वक़्त इस खामोशी को देना लाख़ों पन्नों की रचनाएं नजर read more

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“फूट डालो और राज करो “हम ये इजाज़त आख़िर कब तक read more

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कर दो न साकार इरादे मेरे मैं दिल से साथ read more

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बस उम्मीदों की लौ दहकती रहे मैं रहूँ न रहूँ मशाल जलती read more

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हर तरफ टूट-टूट कर गिर रहा है वक्त का तंत्र और मुझे कविताओं की चिंता read more

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महिलाओं को बस इज्जत चाहिए, वो जैसे भी हो बस उन्हें वैसी अपना read more

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बेवफा तुम नहीं, फिर क्यों ये गुमां होता है, बिन आग , कब धुआँ होता read more

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मैं तिरंगा कहता हूँ अपनी कहानी, अपनी आप बीती अपनी read more

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इसीलिए मुझसे ही मुझको, कई बार तूने ही मिलवाया read more

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इस दुनिया की बातें सुनते उस दुनिया को read more

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अगर प्यार इसे कहते हैं तो, “इमोशनल अत्याचार “की परिभाषा क्या read more

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थे देशभक्त फिर भी वो सारे, उस जंगल का कानून बड़ा निराला read more

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मैं सदा के लिए निर्मल हो गया हूँ, कि मैं अब कभी भी मलिन न हो read more

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हाँ ये सच है मेरी कविता मेरी खुद की परछाई read more

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मुझे महज एक वस्तु मत समझना व्यंग बाणों का घातक प्रहार भी सहती हूँ। खिलौना नही read more

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सच है ये जिंदगी खेल नहीं जिसका किसी से कोई मेल read more

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सुना है दबे पांव ही आता है read more

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अपनी यादों में न बसाना, कोई साथ था वो जाना read more

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प्यार महोब्बत गले लगाकर दुनिया में अपना नाम read more

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जब दूरियाँ मिटीं तो यह जाना तुम एक भयावह समुद्र कहाँ हो तुम तो बस एक लहर-मात्र read more

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स्वागत है सरकार के निर्णय का स्वागत है नागरिकता के नए परिसीमन read more

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इस प्यारी धरती में बहुत कुछ है उनके read more

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क्या, मेरा जीवन किसी सिनेमाघर के पर्दे से कम है read more

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