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नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए जोनर के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : comedy

नालायक बुद्धू सिरफिरा जब मेंढक ने पी read more

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A supernatural thriller that deals with a deadly conspiracy plotted 350 years ago and takes the readers on an adventure.

अजीब लोग थे वहाँ के, जैसे हों read more

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ठीक दो दिन बाद, यमदूत फिर आया, मैंने अपने आप को, भूत बना read more

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मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर read more

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'कुत्ते की मालकिन, कभी आगे, और कभी पीछे दौडती है, गोद में हो, कभी कुत्ता चाटता है read more

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'मैं खाने पीने का शौक़ीन, अदरक की तरह फैल गया, शरीर L से XXXL, और कमर का कमरा बन read more

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इस भरी जवानी में ही, मुझे ओल्ड कर read more

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भला दो बिल्ली की लड़ाई में, कभी बन्दर की हार हुई है read more

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वो अचरज मे पड़ जाते हैं शहरों की सड़कों read more

1     353    32    373

साले साली की महिमा ऐसी, मरू में हरे सरोवर जैसी । घर पे होते जो मेहमान , read more

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चार लोग
© Manjula Dusi

Abstract Comedy +1

क्योंकि मुझे उन्हें है बताना कि हर बार जो दिखता है वो होता नहीं और जो होता है वह read more

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बच्चा कुर्सी पर बैठते ही मुस्कुराया, दाई बोली बच्चा पिछले जन्म में नेता read more

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बालकों के पक रहे अभी से बाल और नौजवानों के सर पर अब बाल बचते नहीं read more

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गुरुजी मार में जादू होवे। अच्छे-खासों की अक्ल, ठिकाने लगा read more

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आधार आज भारतीय, नागरिक की पहचान read more

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और मित्र न लूंगा मदिरा, हेतु तुझे बताता हूँ, अभी अभी तो पांच पैग read more

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होगी शादी उसी से जैसा हूँ मैं, जो भी, वो ही बनेगी मेरी, या मैं बनूँगा read more

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आश्वासन से सबका पेट भरते बडे-बडे जनता से वादे read more

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फूलों के जहाँपनाह अब कलियाँ भौरों का इंतज़ार नहीं करतीं भौंरों के पीछे read more

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A supernatural thriller that deals with a deadly conspiracy plotted 350 years ago and takes the readers on an adventure.

'छीन गई मेरी घूमने की आज़ादी, दर-दर भटक रहा हूँ बनकर फरियादी, सुंदर शोख़ हसीना अब रही read more

1     10.6K    22    1664

'कबिता है मेरी ज़िन्दगी, कबिता मेरी बंदगी, कबिता ही है मेरी पहली प्यार, कबिता नि दी read more

1     13.2K    13    1718

ना जाने मम्मी पापा कैसे जिया करते हैं नो से पांच की नौकरी में भी खुश रहा करते read more

1     13.1K    9    1736

ऐ खुदा ! इतनी ही रहम करना इस नाचीज पे नवाजना सात जन्म तक ऐसी चीज़ अजीज़ read more

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अपनी आँखें मलते-मलते मेंढक बोला यूँ मचल read more

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अगर आप ऐसे मेहमान है तो मेरे घर जरूर read more

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"बारूदों की बुनियाद ने फिर कमाल कर दिया, स्वर्ग सी इस ज़मीं का ख़स्ता हाल कर read more

1     14.1K    30    1900

किटी पार्टी और तंबोला का समय अब फिर कहाँ मिलेगा सखियों के संग सैर सपाटा, गप्पों का read more

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चिरकाल से एकांकी जीवन जीकर इतिहास की गाथा गाती तो कभी भविष्य को आलिंगनबद्ध करने को read more

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उसने हमसे पूछ लिया, दूसरी कविता फिर कब सुनायेंगे read more

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कटहल मुर्गे खाकर कि, लोगों का अजब किराया । शेखचिल्ली के रूपये दस, और हाथी read more

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