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Shikha Verma

Others

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Shikha Verma

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दिल की दुनिया

दिल की दुनिया

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सूनी थी इस दिल की दुनिया,

सूनी ही रह जायेगी।

तेरी मेरी प्रेम कहानी,

गुम होकर रह जाएगी।

चाहा बहुत... भुलाएँ लेकिन,

मरते दम तक चाहेंगे।

जीकर तो न पाया तुमको,

मर के शायद पाएंगे।

न समझेगी दुनिया हमको,

न समझेगी दुनिया तुमको।

प्यार इबादत बन जाता है,

जब मिलता मन, मन से मन को।।

शायद होगी कमी रही कुछ,

तब हमने आँसू पाये हैं।

पर देखो ना...रोकर भी मुस्काये हैं।।

दिल रोया है! कब-कब, कैसे?

कितने आँसू छुपाए हैं!

जितनी साँसे, उतनी आहें,

उतनी बार बहाए हैं।।



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