STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Others

4  

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Others

ये कैसी तन्हाई

ये कैसी तन्हाई

1 min
324

आपसी रिश्तों में जब भी दरार है आई।

मिली बदले में, इस दुनिया की रुसवाई।

और क्या मिला, बहुत सारा अधूरापन।

और साथ जो मिली है, ये कैसी तन्हाई।


जायदाद ने भाई भाई में लड़ाई लगवाई।

अब एक आँख नहीं सुहाता प्यारा भाई।

आपस का प्रेम भाईचारा ख़त्म कराया।

ये सब करके मिली, हाय ये कैसी तन्हाई।


गलतफ़हमी ने दोस्तों में दूरी बहुत बढ़ाई।

एक दूजे पर मरने वालों को मिली जुदाई।

कभी एक दूजे पे जान छिड़कने वालों को।

जुदा करवाकर हिस्से आई ये कैसी तन्हाई।


बेवफ़ाई कई प्रेमियों पर सितम खूब ढाई।

एक तरफ़ा प्यार ने भी रूह बहुत तड़पाई।

प्यार में डूबी कई जानों को बहुत रुलाया।

इश्क़ करके इनको मिली, ये कैसी तन्हाई।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama