STORYMIRROR

B. sadhana

Fantasy Inspirational

3  

B. sadhana

Fantasy Inspirational

मैं क्या लिखूं।

मैं क्या लिखूं।

1 min
452

कुछ लिखने की सोची।

कई सारे विषय आंखों की सामने आने लगे।

मैं तो सोच में पड़ गई की क्या लिखूं।

अखबार देखा तो कई घटनाएं, दिल को रुला गए।


पड़ोस में देखा तो उनका हालत मुझे अन्दर से तोड़ गया।

आंगन में उस पंछी की खूबसूरती मन को भा गया।

बारिश की वो बूंदे मुझसे बहुत कुछ कह गये।


आज कुछ लिखने की सोची।

टीवी में वो चपरासी की बात हसा गया।

मोबाइल पर देखी कई खबर क्या क्या सीखा गए।

घर वालों की बाते बहुत मीठे लगे।


खेलते बच्चे कुछ कह गए।

घर आया मेहमान की बात

हँसा रुला गए।

मां की आंचल ने सुकून दे दिया।

भाई बहन के झगड़े मे मजा आ गया।


दोस्तों से की गई वार्तालाप पसंद आ गया।


यह सोचने ,सोचने में ही,

पूरा दिन निकल गया कुछ लिख ही नहीं पाई।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy