जाने क्यों चुप है और रहेंगे अभी हमने एहसास को ब्यापार बना डाला है। जाने क्यों चुप है और रहेंगे अभी हमने एहसास को ब्यापार बना डाला है।
खल दल अधम का काटकर मस्तक "पिनाकी" पूरे जगत में विजय का त्यौहार करना है। खल दल अधम का काटकर मस्तक "पिनाकी" पूरे जगत में विजय का त्यौहार करना है।
मंज़िल के करीब उन भावनाओं का रंगों से भरा है। हर एक सपने से सुंदर मेरा सपना है। मंज़िल के करीब उन भावनाओं का रंगों से भरा है। हर एक सपने से सुंदर मेरा सपना ह...
भीतर की अमावस को, कौन करेगा दूर। जग हित रूपी दीप से, पूनम होय जरूर। भीतर की अमावस को, कौन करेगा दूर। जग हित रूपी दीप से, पूनम होय जरूर।
एक दिन, तुनक कर, रात के माथे से चाँद, उतार कर छिपा लेती है, अपने दिल में, एक दिन, तुनक कर, रात के माथे से चाँद, उतार कर छिपा लेती है, अपने दिल में,
हक़ीक़त है अगर कुछ भी न बन जाए वो अफसाना। हक़ीक़त है अगर कुछ भी न बन जाए वो अफसाना।
हाँ, हमे हमारे आसपास बस वह देवी नुमा लड़कियाँ ही चाहिए....! हाँ, हमे हमारे आसपास बस वह देवी नुमा लड़कियाँ ही चाहिए....!
वहीं जानता है कि यह केसा होता है। थोड़ा खट्टा थोड़ा मीठा एकतरफा प्यार। वहीं जानता है कि यह केसा होता है। थोड़ा खट्टा थोड़ा मीठा एकतरफा प्यार।
जिससे साझा करती मैं अपना हर दर्द और सपना। जिससे साझा करती मैं अपना हर दर्द और सपना।
इस दिल की धड़कन हो तुम मेरे हमसफ़र हो तुम हाँ मेरे हो तुम। इस दिल की धड़कन हो तुम मेरे हमसफ़र हो तुम हाँ मेरे हो तुम।
इश्क महज तिज़ारत न रह जाए 'रवि' सो दिमाग से नहीं दिल से काम लो। इश्क महज तिज़ारत न रह जाए 'रवि' सो दिमाग से नहीं दिल से काम लो।
तुम्हारे बिना मैं निर्जीव हूँ आखिर कहाँ हो तुम ? तुम्हारे बिना मैं निर्जीव हूँ आखिर कहाँ हो तुम ?
मेरी हर कमी तुम पूरा कर देती हो और बिन कहे मेरे तुम आवाज़ बन मेरी सब कह देती हो। मेरी हर कमी तुम पूरा कर देती हो और बिन कहे मेरे तुम आवाज़ बन मेरी सब कह देती हो।
दिल को अपने बांहों में समेटना तुम्हें आता है, सारा का सारा मेरा संसार बनना सिर्फ दिल को अपने बांहों में समेटना तुम्हें आता है, सारा का सारा मेरा संसार बनना सि...
हां इसी लाल सुर्ख जोड़े में सजी रात को ये दिल सब रस्मों रिवाजों संग तेरा होगा, तेरा हो हां इसी लाल सुर्ख जोड़े में सजी रात को ये दिल सब रस्मों रिवाजों संग तेरा होगा...
फूल मुरझाया है आज़म प्यार का लब पे उसके प्यार कब इक़रार है। फूल मुरझाया है आज़म प्यार का लब पे उसके प्यार कब इक़रार है।
तेरा हर रूप तेरी हर आदत मुझे मंजूर है जब तक तू मुझे ऐसे देखती रहेगी। तेरा हर रूप तेरी हर आदत मुझे मंजूर है जब तक तू मुझे ऐसे देखती रहेगी।
तब यह दुनिया बन जाएगी, रहने के लिए एक बेहतर जगह। तब यह दुनिया बन जाएगी, रहने के लिए एक बेहतर जगह।
चाहे वर्तमान में उमड़ आये रामायण को देखिए अयोध्या में मंदिर ही दृश्यमान है चाहे वर्तमान में उमड़ आये रामायण को देखिए अयोध्या में मंदिर ही दृश्यमान है
लगता है कि, अब कोरोना की छुट्टी दिखती है। लगता है कि, अब कोरोना की छुट्टी दिखती है।