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praveen ohdar

Fantasy

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कारावास में जन्में मुरारी

कारावास में जन्में मुरारी

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कारी अंधियारी रात में जन्में थे मुरारी

कारावास भी खुल गया और खुल गई

.......बेड़ियाँ सारी.......


देख कान्हा की सांवली मोहिनी मूरत

धन्य हुए वासुदेव संग देवकी दुलारी

कंस के आतंक के अंत की अब

........करनी है तैयारी......


जन जन के जीवन में आई खुशियां सारी

घनघोर घटाएं छाई यमुना मैया भी छूने

.......तारण के चरणन को उतराई........


शेषनाग की फन छतरी बन कान्हा पर छाई

देख लल्ला को प्रकृति ने भी ली थी अंगड़ाई

सब मिल आए यशोदा मैया को देने बधाई


गोकुल में चहूँ ओर हर्षोल्लास अनुपम है छाई

जग के उद्धार करने को देखो आ गए पालनहार

देख तारणहार के अलौकिक छवि को डर गए 

..........सब अत्याचारी..........


इसलिए तो कारी अंधियारी रात में जन्में थे मुरारी

खुल गए भाग्य जन जन के जब जन्म लिए बनवारी

..........जय हो बनवारी....जय हो बनवारी...........



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