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कवि धरम सिंह मालवीय

Drama

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कवि धरम सिंह मालवीय

Drama

गज़ब हो गया

गज़ब हो गया

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आपसे दिल लगाना गजब हो गया

रोज मिलना मिलाना गजब हो गया


बात तुमसे कही हो गई आम क्यों

राज़ दिल के बताना गजब हो गया


दर्द मुझको मिला आप खुश हैं बहुत

आपका मुस्कुराना गजब हो गया


दिख रहा हैं सभी के नमक हाथ मे

जख्म सबको दिखाना गजब हो गया


नाम तेरा सुना जल गया ये जहाँ

प्यार की लौ जलाना गजब हो गया


हालातों पे मेरे हँस रहे  लोग हैं

हाल सबको सुनाना गजब हो गया


काम हैं जब तलक याद करते सभी

मतलबी हैं जमाना गजब हो गया


बात दिल की लबों पे उतर आई हैं

धरम गजलें सुनाना गजब हो गया



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