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Sachin Gupta

Classics Fantasy Inspirational

4  

Sachin Gupta

Classics Fantasy Inspirational

दो लफ्ज मीठे बोल

दो लफ्ज मीठे बोल

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दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल।

क्या जाएगा तेरा रे

क्या जाएगा मेरा रे 

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल।


ये दुनियाँ, बहुत बड़ी है

न जाने कितने आते रोज है

न जाने कितने जाते रोज है

हर दिन यहाँ, मेला रे

न जाने कितनों को यहाँ आना रे

न जाने कितनों को यहाँ से जाना रे

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल

क्या जाएगा तेरा रे

क्या जाएगा मेरा रे।

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल।


ये जीवन बहुत छोटा रे बंदे

न जाने कब क्या होगा रे बंदे

गम न कर किसी से रे

रुसवा न हो, किसी से रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल

क्या जाएगा तेरा रे

क्या जाएगा मेरा रे।

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल।


ऊपर कौन बैठा है

न तुझको मालूम है

न मुझको मालूम रे

पर वो न तेरा रे

पर न वो मेरा रे

बस रहम उससे माँग रे बंदे

वो बड़ा रहनुमा रे


फिर कहे का विवाद करे हे

फिर क्यूँ यहाँ विवाद रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे

दो लफ्ज़ मीठे बोल

क्या जाएगा तेरा रे

क्या जाएगा मेरा रे।

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल।


ये किसने देखे है की वो कैसा है

हर कोई तो बस सुनता आया है

होना क्या मेरा रे बंदे,

होना क्या तेरा रे बंदे

जो साथ रहते लोग है

उनसे न कुछ बिगाड़ रे बंदे


न दिल उसका दुखा रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे

दो लफ्ज़ मीठे बोल

क्या जाएगा तेरा रे बंदे

क्या जाएगा मेरा रे।

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल।


ये दिल तो बच्चा है

पल मे करता गुस्सा है

पल मे कर लेता यारी रे

ये कितना भोला रे

ये कितना प्यारा बच्चा रे

पर ये सबसे सच्चा रे


फिर काहे को आता,

हमको गुस्सा रे

जिना तो साथ है

पर मारना तो अकेला रे बंदे

फिर कहे का गुस्सा रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल

क्या जाएगा तेरा रे बंदे

क्या जाएगा मेरा रे बंदे।

दो लफ्ज़ मीठे बोल रे बंदे

दो लफ्ज़ मीठे बोल।


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