priyanka gahalaut
Classics Inspirational
इस से ज्यादा
और क्या होगा
किसी भाषा के
विलुप्त होने के लिए
के ज़ब अपनी मातृ भाषा
को सिखाने के लिए
अपने ही शहर में
प्रचार होडिंग लगने लगे !
मिलावट हो रही है
बाहर से लेकर
घर में
कुछ किताबों के वेंटीलेटर
पर पड़ी भाषा की
सांस टूटने लगे।
स्त्री पुरुष ...
सर्दी की धूप
सतरंगी आसमां
प्रेम कोपल
विलुप्त
मनौती के चुंब...
एहसास के फूलो...
अल्पविराम
सीता की अग्नि...
ब्लैकहोल
कृष्णा के शब्दों पंख से अर्जुन का मोह हुआ नदारद। कृष्णा के शब्दों पंख से अर्जुन का मोह हुआ नदारद।
अपराधी को मिले सजा, वो अंदर जाए, तभी कुछ बात बने। अपराधी को मिले सजा, वो अंदर जाए, तभी कुछ बात बने।
विनती करती जनक दुलारी, सुन लो प्रभुवर आज। विनती करती जनक दुलारी, सुन लो प्रभुवर आज।
बस यही हमेशा उम्मीद करता हूं कि मेरे अपने मेरे जैसे कठिनाइयों से ना लड़े। बस यही हमेशा उम्मीद करता हूं कि मेरे अपने मेरे जैसे कठिनाइयों से ना लड़े।
मन का जामा रंगों, मन की चोली आत्मनिर्भर मनाओ होली......... मन का जामा रंगों, मन की चोली आत्मनिर्भर मनाओ होली.........
जब किया कृष्ण ने संवाद बताया उसके जन्म का राज। जब किया कृष्ण ने संवाद बताया उसके जन्म का राज।
पथिक भी पीकर उस धरती का पावन जल कहते पी कर आया हूं अमृत पथिक भी पीकर उस धरती का पावन जल कहते पी कर आया हूं अमृत
ज़रा गर झुकोगे जग में तो यकीन मानो साधु ! बहुत ऊंचा उठोगे। ज़रा गर झुकोगे जग में तो यकीन मानो साधु ! बहुत ऊंचा उठोगे।
तुम तो सर्वशक्तिमान हो चोदह वर्ष फिर क्यों लगा दिए तुम तो सर्वशक्तिमान हो चोदह वर्ष फिर क्यों लगा दिए
होली है आई, उड़ा है रंग, फागुन है आया लेकर बसंत। होली है आई, उड़ा है रंग, फागुन है आया लेकर बसंत।
जब अनुज ने अग्रज को ही अपने जीवन का स्तम्भ बनाया। जब अनुज ने अग्रज को ही अपने जीवन का स्तम्भ बनाया।
दिल का धड़कना जरूरी है जिंदगी के लिए। दिल का धड़कना जरूरी है जिंदगी के लिए।
जो तस्वीर सजाई थी तेरी इन आंखों में हर पल कोई निकाल नहीं सकता उन यादों को आज तक! जो तस्वीर सजाई थी तेरी इन आंखों में हर पल कोई निकाल नहीं सकता उन यादों को आज ...
अथाह गंगा की धार को पार कैसे जाएं उस पार को. अथाह गंगा की धार को पार कैसे जाएं उस पार को.
हाल दिल का बुरा हो, दिल कहां लगाये, दर्द का गुब्बार उठे, दिल को ही चीर जाये।। हाल दिल का बुरा हो, दिल कहां लगाये, दर्द का गुब्बार उठे, दिल को ही चीर जाये।।
यकीन ही नहीं आता ऐसा भी संभव, नहीं पता है कहां यह झोली भरवा दे। यकीन ही नहीं आता ऐसा भी संभव, नहीं पता है कहां यह झोली भरवा दे।
पल पल जिन्दगी बदलती है नवग्रहों की चाल से। हर पल जिन्दगी निखरती है ग्रहों के क़माल से। पल पल जिन्दगी बदलती है नवग्रहों की चाल से। हर पल जिन्दगी निखरती है ग्रहों के ...
जब तू है पूर्णता से रुक्मणी का... तो राधा से क्यों जुड़ा है...!!! जब तू है पूर्णता से रुक्मणी का... तो राधा से क्यों जुड़ा है...!!!
जीवन में ये एक विकल्प है, शायद सकारात्मक रहने का ! जीवन में ये एक विकल्प है, शायद सकारात्मक रहने का !
आकाश मार्ग से एक नारी की करुण पुकार सुन गिद्धराज। आकाश मार्ग से एक नारी की करुण पुकार सुन गिद्धराज।