STORYMIRROR

Anita Koiri

Tragedy Classics

4  

Anita Koiri

Tragedy Classics

चक्कर लगाया करो!

चक्कर लगाया करो!

1 min
246

आईना दिखाने से पहले देखा करो

सच बोलने से पहले सोचा करो

जब कभी भी टूट कर बिखरो

फिर जुड़ जाओगे ऐसा विश्वास करो।


दीए में आग जलाया करो

जिंदगी की आग बुझाया करो

मुसाफिर हो तुम ये समझा करो

गैरों से इतना भी न दिल लगाया करो।


टूटे हुए को जोड़ा करो

झगड़ते हुए को हंसाया करो

जब भी लगे घमंड आया है

जाओ शमशान के चक्कर लगाया करो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy