STORYMIRROR

Anita Koiri

Abstract Classics Inspirational

4  

Anita Koiri

Abstract Classics Inspirational

अपना घर

अपना घर

1 min
214

एक घर जरूरी है

जरूरी है यूं ताकि मन लगाकर पढ़ाई कर सकें

जरूरी है क्योंकि जी भर कर टीवी देख सकें

एक घर जहां जी भर कर हँस सकें


चाहिए एक घर जहां दिन और रात आराम से बीता सकें

घर चाहिए ताकि वो सपने फिर से देख सकें

सूकून की नींद फिर से ले सकें

घर घर घर न हो अगर तो सच तड़पता है दिल।


घर बिना मां बाप के सिर्फ मकान है

मकान घर नहीं अगर उसमें मेरे प्यारे मां बाप नहीं 

घर आंगन गुलजार है जहां हँसी ठिठोली और उमंग है

दुनिया में जहाँ जाओ अपना घर तो अपना ही होता है

सारे जहां की दौलत एक तरफ और अपना घर एक तरफ़।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract