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Anita Koiri

Abstract Classics Inspirational

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Anita Koiri

Abstract Classics Inspirational

जिंदगी की बगिया

जिंदगी की बगिया

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ये जिंदगी की बगिया भी बड़ी अजीब है

समझ नहीं आता कौन दूर और कौन करीब है


भरोसा के लायक यहां कोई मीत नहीं

ये जहान है अजनबियों का यहां कोई साथी नही


बगिया में फूल अनेक

सारे है एक से एक


फूलों सा यह अपना जीवन

आज है जीवन कल होगा मरन

मगर जब तक जीते हो जिए जाओ

फूल बनकर रहो


आशा किसी और की छोड़ो

अच्छाई और खुशबू से नाता जोड़ो।


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