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priyanka gahalaut

Fantasy Others

3  

priyanka gahalaut

Fantasy Others

ब्लैकहोल

ब्लैकहोल

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तुम्हारे लिए उमड़ते एहसास.. 

तुम्हारे लिए पनपता प्रेम.. 

तुम्हारे लिए बिलखती पीड़ा.. 

तुम्हारे लिए ही ये सब.. 

अपने अंदर ही अंदर समेट कर.. 

मैं बन गयी हूँ कोई "ब्लैकहोल "

... 

अंतर है बस इतना

उस अंतरिक्ष ब्लैकहोल से.. 

प्रकाश भी लीन हो जाता है मगर. 

उसमें से कुछ लौटता नहीं

और मुझ तक अब कुछ... 

पहुँचता नहीं... 


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