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priyanka gahalaut

Romance

3  

priyanka gahalaut

Romance

प्रेम कोपल

प्रेम कोपल

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किसी रोज़ आये ख्याल मेरा.. 

तुम उस मंदिर में हो आना.. 

जहाँ अक्सर होता था तेरा.. 

मेरे पीछे पीछे चले आना.. 

चंद कदमों की दूरी बरकरार रखते थे.. 

ओ दूर तलक जाता देख मुझे तेरा चले जाना.. 

मायूसी के साथ नहीं थी उम्मीद.. 

के कल सुबह को फिर है आना.. 

ऐसी मर्यादित मोहब्बत ऐसा संयम.. 

हाल ए दिल मगर जुबां पे ना लाना.. 

हर शहर हर गली में पनपती है कोपल एक ऐसी.. 

बेहद मुश्किल है उस प्रेम की व्याख्या कर पाना.. 


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