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Pinky Dubey

Abstract Classics Inspirational

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Pinky Dubey

Abstract Classics Inspirational

क्या मैंने ऐस सोचा था​​

क्या मैंने ऐस सोचा था​​

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क्या मैंने ऐस सोचा था

खाली होगे कभी रास्ते

बंद होगी दुकानें


सिगनल खाली सड़कों पर बंद खोल होगे

क्या मैंने ऐस सोचा था

सैकड़ों लोग मरेगे


होस्पितलो के बाहर मरीज़ लेटे होगे

होटलो को होस्पिटलो मे बदला जाएगा

हर रोज़ सैकड़ों मौतें होंगी


क्या मैंने ऐस सोचा था

बदल रही दुनिया

बदल रहे है लोग

बदल राहा है समय


मगर मानो वक़्त थम सा गया है

आँखों के सामने अंधेरा ही अंधेरा हो

बस समय चल राहा हो

इस उम्मीद के साथ कब होगा सवेरा।


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