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Pinky Dubey

Abstract Classics Inspirational


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Pinky Dubey

Abstract Classics Inspirational


क्या मैंने ऐस सोचा था​​

क्या मैंने ऐस सोचा था​​

1 min 141 1 min 141

क्या मैंने ऐस सोचा था

खाली होगे कभी रास्ते

बंद होगी दुकानें


सिगनल खाली सड़कों पर बंद खोल होगे

क्या मैंने ऐस सोचा था

सैकड़ों लोग मरेगे


होस्पितलो के बाहर मरीज़ लेटे होगे

होटलो को होस्पिटलो मे बदला जाएगा

हर रोज़ सैकड़ों मौतें होंगी


क्या मैंने ऐस सोचा था

बदल रही दुनिया

बदल रहे है लोग

बदल राहा है समय


मगर मानो वक़्त थम सा गया है

आँखों के सामने अंधेरा ही अंधेरा हो

बस समय चल राहा हो

इस उम्मीद के साथ कब होगा सवेरा।


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