STORYMIRROR

Pinky Dubey

Abstract Others

4  

Pinky Dubey

Abstract Others

कल किसने देखा है

कल किसने देखा है

1 min
322

जिंदगी बहुत छोटी है

जितनी भी है खुल के जियो

आज है कल नही

कल किसने देखा है

इंसान को प्यार करते हुए देखा है

इंसान को पल बर में बदलते देखा है

जिसपे इतना भरोसा किया उसे धोखा देते देखा है

जिस माँ बाप ने पाला पोसा

उस घर से निकालते देखा है

जिसे इतना प्यार किया उसे पीठ पर छुरा भोंकते देखा है

मतलब की दुनिया है

अपने आप को रोते देखा है

सपनों के महल को टूटते देखा है

जिंदगी बहुत छोटी है

खुद के लिए जियो

मतलबी बन जाओ

इस मतलबी दुनिया के लिए

कोई किसी का नही है

खुद के लिये जियो

कल किसने देखा है


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract