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Pinky Dubey

Abstract Tragedy

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Pinky Dubey

Abstract Tragedy

जिंदगी यूं ही चलती है अकेले

जिंदगी यूं ही चलती है अकेले

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वक़्त बदलता है लोग बदलते है प्यार बदलता है रह जाते है हम अकेले

हम रोते है जाने वालों के लिए और उन्हें कोई गम नहीं होता हमारे जाने से

वो खुश रेहते है अपनी दुनिया में जिंदगी कभी खुशी देती है तो कभी गम

कभी जिंदगी इतना बड़ा ज़ख्म दे जाती है की उसे भूला नहीं पाते

इंसान कभी भी अकेला नहीं रेहना चाहता है

वोह जिंदगी भर एक साथी ढूँढता है जो उसे समझ सके

जो उसे प्यार करे उसका साथ दे उसके ज़रुरत पड़ने पर

मगर यह उम्मीद के साथ वोह रेह जाता है अकेला

इंसान अकेला आता है और अकेला जाता है जिंदगी यूं ही चलती है अकेले


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