STORYMIRROR

Kusum Lakhera

Classics Inspirational

4  

Kusum Lakhera

Classics Inspirational

माँ तुम नदी सी

माँ तुम नदी सी

1 min
221

माँ तुम नदीं सी प्रतीत होती ,

सदैव चरैवेति चरैवेति का

सन्देश देती ......

माँ तुम नदी सी प्रतीत होती 

पारदर्शिता का पाठ 

बाँचती ..............


माँ तुम नदी सी प्रतीत होती 

लोकमाता नदी सम 

कर्तव्य निभाती ....

अपनी संतान को ..

स्नेह एवं आशीष देती ..


माँ तुम नदी सी प्रतीत होती 

अपने भीतर समेट लेती 

सारी कठोरता ....


यहाँ तक की अपने ..

आसपास के पत्थरों को

भी करुणा जल से सींच देती 

करती उनका रूपांतरण 

उन कठोर पत्थरों को

ममता की शीतलता से


कोमलता करती प्रदान 

माँ तुम नदी सी महान।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics