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Kanchan Prabha

Romance Tragedy Classics


4.5  

Kanchan Prabha

Romance Tragedy Classics


बारहा देखा है

बारहा देखा है

1 min 208 1 min 208

रेत की चाँदनी सी

सफ़ेद चादर ओढ़ कर

सपने में आपकी सूरत देखी है

बारहा !


धुएँ का मंडप सा कुछ

और चुनर मेरे प्यार की

सरकते हुए भी देखा है

बारहा !


पढ़ न ले कोई नाम आपका

कहीं मेरे खामोश चेहरे पर

चेहरे पर सिकन भी देखी है

बारहा !


मेरे आँसुओं के मोती को

आपके हथेली का नूर 

बनते भी देखा है

बारहा !


वह फ़िजा जो इस जज्बे की

ख्वाबगाह बनी थी

ख्वाब टूटते भी देखा है

बारहा !


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