STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Abstract Fantasy

4  

Kanchan Prabha

Abstract Fantasy

हम हुए नीले होली में

हम हुए नीले होली में

1 min
331

 (मार्च माह)

रंग रंगीले होली में

 हम हुए नीले होली में


 रंगीन फिजाएं होली में

अबीर उड़ाए होली में


 लगता नशा सा होली में

दुश्मन हंसा सा होली में


 गीत सुहाने होली में

 चले ना बहाने होली में


 धरती रंगी है होली में

साथी संगी है होली में


 प्रेम बिखड़ता होली में

जीवन संवरता होली में


 मदमस्त हवाएं होली में

त्यौहार मनाएं होली में



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract