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Madhu Gupta "अपराजिता"

Tragedy Fantasy Others

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Madhu Gupta "अपराजिता"

Tragedy Fantasy Others

"तेरे बिना"

"तेरे बिना"

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ख़ाली दिल ख़ाली यह बोतल ख़ाली यह जाम है। 

तेरे बग़ैर यारा मेरे दिल का हुआ बड़ा बुरा हाल है।। 


धरती सूनी अंबर सूना होंठों पर ना कोई अब साज़ है। 

चारों तरफ फैल वीराना हम पे हंसने को तैयार है।। 


तेरे बगैर यारा मेरे दिल का हुआ बड़ा बुरा हाल है।। 


चलती फिरती ज़िंदगी हो गई हमसे नाराज़ है। 

आंखों से तेरी यादों की बहती अब गमों की धार है।। 


सड़कें भी तेरे मेरे कदमों की आहट सुनने को बेताब है। 

फ़ासले भी कह रहे लगा लो गले बहुत हुआ मेरे यार है।। 


तेरे बगैर यारा मेरे दिल का हुआ बड़ा बुरा हाल है। 


बहार हर तरफ छा गई खिज़ा हुई रुख़्सत मेरे यार है। 

तेरे मेरे बीच की अनबन क्यों हुई लंबी इतनी यार है।।

 

होली ने भी आकर देखो घर कर दिया गुलजार है। 

फिर तेरी मेरी जिंदगी में क्यों ना आई रंगों की बहार है।। 


तेरे बगैर यारा मेरे दिल का हुआ बड़ा बुरा हाल है। 


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