STORYMIRROR

Nitu Rathore Rathore

Romance Tragedy

4  

Nitu Rathore Rathore

Romance Tragedy

****आखरी खत****

****आखरी खत****

1 min
940


ना कोई शिक़वा ना गिला है आखरी खत में

प्यार से मोहब्बत को भरा है आखरी खत में।


वफ़ा लिखूं अपनी क़लम से या सोई क़िस्मत

क़िस्मत को खून से लिखा है आखरी खत में।


लाख सज़दा कर हसरत दिल की मिटा न सकूँगी

दिल का दिल से रिश्ता जुड़ा है आखरी खत में।


नज़र ख़ामोश है जुबाँ भी चुप है कुछ कमी सी है

मैंने तेरे सीने पे सर मेरा रखा है आख़री ख़त में।


मेरी जान जुदा है दिल मेरा खुदा है तुमको पता है

सहमी स्याही "नीतू" इमां डिगा है आख़री खत में


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance