End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!
End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!

Cute Mehak

Romance


5.0  

Cute Mehak

Romance


इश्क़ समंदर

इश्क़ समंदर

1 min 433 1 min 433

हूँ इश्क़ - समंदर बारिश मैं 

मुझको साहिल ही रहने दो,

मैं बनूँ फरिश्ता चाह नहीं 

इंसान मुझे ही रहने दो !


मैं लड़ सकती हूँ तनहा भी 

एहसान यही बस रहने दो,

हूँ इश्क़ - समंदर बारिश मैं

मुझको साहिल ही रहने दो !


बाते, यादें तो दिल में है 

चुपचाप मुझे सब सहने दो,

मेरे दिल में है गीत बसा 

वीराने में ही रहने दो !


बारिश की बूंदे  ठहर गई 

ये प्यास इश्क की रहने दो,

कुछ और नहीं मैं चाह रही 

तुम नज़्म गजल की बनने दो !


मैं बनी मोहब्बत में पागल 

अब उस गम में ही पलने दो,

हूँ खड़ी इश्क़ में तनहा हो 

तन्हा ही मुझको रहने दो !


कुछ सपनों को आँसू बनकर 

आँखों के अंदर पलने दो,

चल रही आजतक जिस पथ पर 

उस पथ पर मुझको चलने दो !


यूँ यादों में मत आना तुम

ये इश्क़ बहुत तड़पाती है,

जब आती है बरसात कभी 

वह तेरी याद दिलाती है ।


सूखी डाली में तू ने ही तब 

मधुमय कुसुम खिलाया था,

तकिये से पूछो बारिश में

मैं कितना अश्क बहाया था !


Rate this content
Log in

More hindi poem from Cute Mehak

Similar hindi poem from Romance