STORYMIRROR

Anupama Sham

Romance

4  

Anupama Sham

Romance

आवाज़ दे रहा हूं

आवाज़ दे रहा हूं

1 min
294

आवाज़ दे रहा हूं मैं कब से

तुम्हें मांग लूंगा मैं रब से

तेरा नाम ही है मेरे लब पे

चुराकर ले जाउंगा तुम्हें में सब से 


मेरी आवाज़ तो सुनो

तेरे सपने में बुनू

भीड़ में भी तुझे ही चुनू 

मेरी नज़रें भी तुझे ही ढूंढू


प्यार हमारा ना होगा कम

प्यार में है हमारे काफी दम

मेरी आवाज़ तो सुनो

ओ मेरे सनम ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance