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Anupama Sham

Romance

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Anupama Sham

Romance

आवाज़ दे रहा हूं

आवाज़ दे रहा हूं

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आवाज़ दे रहा हूं मैं कब से

तुम्हें मांग लूंगा मैं रब से

तेरा नाम ही है मेरे लब पे

चुराकर ले जाउंगा तुम्हें में सब से 


मेरी आवाज़ तो सुनो

तेरे सपने में बुनू

भीड़ में भी तुझे ही चुनू 

मेरी नज़रें भी तुझे ही ढूंढू


प्यार हमारा ना होगा कम

प्यार में है हमारे काफी दम

मेरी आवाज़ तो सुनो

ओ मेरे सनम ।



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