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Anupama Sham

Abstract Romance Inspirational

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Anupama Sham

Abstract Romance Inspirational

शादी

शादी

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मेरी शादी पर आना ज़रूर

जल्द ही होगा मेरी मांग में सिंदूर

चहरे पर शादी का नूर

दिल में प्यार का सरूर


शादी की है चमक

फूलो की है मेहक 

लोगों का चहल-पहल

शादी का हाॅल जैसे हो महल


शादी का शोर

है बात जीत चारों और

गानों का है लय

है दिल में थोड़ा सा भय


खाना पीना और मौज

सब को किसी की खोज

शादी नहीं होती रोज़ रोज़

शादी के स्टेज पर दूल्हा दुल्हन का पोस


शादी हो गई संपन्न

दोनों के एक हो गए मन

सब आशिर्वाद देकर चले गए जन

संपूर्ण हो गए शादी के शुभ क्षण।


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