STORYMIRROR

Anupama Sham

Abstract Romance Inspirational

4  

Anupama Sham

Abstract Romance Inspirational

शादी

शादी

1 min
401

मेरी शादी पर आना ज़रूर

जल्द ही होगा मेरी मांग में सिंदूर

चहरे पर शादी का नूर

दिल में प्यार का सरूर


शादी की है चमक

फूलो की है मेहक 

लोगों का चहल-पहल

शादी का हाॅल जैसे हो महल


शादी का शोर

है बात जीत चारों और

गानों का है लय

है दिल में थोड़ा सा भय


खाना पीना और मौज

सब को किसी की खोज

शादी नहीं होती रोज़ रोज़

शादी के स्टेज पर दूल्हा दुल्हन का पोस


शादी हो गई संपन्न

दोनों के एक हो गए मन

सब आशिर्वाद देकर चले गए जन

संपूर्ण हो गए शादी के शुभ क्षण।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract