STORYMIRROR

Nitu Rathore Rathore

Abstract Inspirational Others

4  

Nitu Rathore Rathore

Abstract Inspirational Others

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा

1 min
217


नवरात्रे के तीसरे दिन हो तो मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है 

इनकी साधना से साधक को अलौकिक शक्तियां दर्शन देने आती है।


चंद्रघंटा माता का रंग बिल्कुल स्वर्ण के समान चमकीला होता है

तीन नेत्र और अस्त्र, शस्त्र ,खप्पर, चक्र माता के दस हाथों की शोभा बढ़ाती हैं।


माता शेर पर आरूढ़ होकर लगती बहुत ही सौम्य और होती सुगंध प्रिय 

नीली चुनरी ओढ़े मां जब रहती अधिक ऊर्जावान हो जाती है ।


मां चंद्रघंटा अपने साधक को प्रेतबाधा से भी जल्दी मुक्ति दिलाती है 

सौम्यता और विनम्रता के विकास से सम्पूर्ण काया पर रौनक आ जाती है।


मणिपुर चक्र जाग्रत करने में मां चंद्रघंटा का ही ध्यान किया जाता है

नीतू इनकी पूजा से कष्ट निवारण और मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract