STORYMIRROR

Dinesh Dubey

Comedy Others

3  

Dinesh Dubey

Comedy Others

पैसा ही पैसा

पैसा ही पैसा

1 min
312

बिन पैसे अब कुछ नहीं होता,

बिन पैसे मिलता ना ज्ञान,

पैसे से ही होती है अब तो,

छोटे बड़े की असली पहचान।

इज्जत हुज्जत है बिन पैसे की,

पैसे वालों को इसका है भान,

अब तो पैसे से ही सबको,

मिल जाते है उनके भगवान,

अपना पराया सब पैसा है,

बिन पैसा न कोई मान,

पैसा हो तो आ जाते हैं,

बिन बुलाए भी मेहमान,

गर पैसा ना हो पास,

तो अपना नहीं है कोई खास,

पैसे की ही खनक से होते,

आप के अपने सभी काम।।

मां बाप अब पैसा हो गया,

भगवान भी पैसा है,

रिश्ते नाते बन गया पैसा,

अब रहा न कोई उसके जैसा।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy