STORYMIRROR

Saraswati Aarya

Romance Fantasy Others

4  

Saraswati Aarya

Romance Fantasy Others

हमें आप याद आयेंगे

हमें आप याद आयेंगे

1 min
358

सुबह की गुनगुनी धूप संग जब

हवा अपनी सुगन्ध फैलायेगी

सुबह पलकें उठाकर जब जागूं

और ये आँखें आपको नहीं पाएंगी

जब नाश्ते की टेबल पर हम सब होंगे

पर आपके चाय का कप और

आपके बिस्कुट कम पाएंगे

हमें आप याद आयेंगे

लाल, गुलाबी, नीला, हरा

ये मन जाए उमंगों से भरा

कोई रंग उड़ाये, कोई झूम के गाये

होली की इस तरंग में 

जब आप गुलाल नहीं लगाएंगे

हमें आप याद आयेंगे

कभी पतझड़ की कतार झायेगी 

कभी बसंत की बहार आयेगी

कभी शरद ऋतु में ठिठुरेगा तन

और जब, कभी 

रिमझिम सावन की बौछारों में

अकेले भीग जायेंगे

हमें आप याद आयेंगे

जब लिखेंगे नग़्में हजार

कभी रूठना तो कभी प्यार

कभी मिलन तो कभी इंतजार

सिर्फ कल्पनाएँ होंगी

जब हकीकत न दर्शाएंगे

हमें आप याद आयेंगे।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance