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आज़ादी

आज़ादी

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मैं आज आज़ाद हूँ,

अपने देश के साथ हूँ,

आज़ादी की रात है,

जश्न वाली बात है,

वीर जवानों की दी ये सौगात है,

कि हम आज़ाद हैं।


रक्षा करते अपने,

प्राणों की चिंता भी न सताए,

निरंतर अपने कर्तव्य पथ,

पर आगे बढ़ते जाए।


बहादुरी का वो डंका निरंतर बजाते,

दुश्मनों के दाँत खट्टे होते जाते,

विषम परिस्थितियों में भी हौसला दिखाये,

देश के सम्मान और रक्षा की खातिर।


खड़े हैं पाँव डटकर जमाये,

तिरंगे की शान को निरंतर बढ़ाते,

अपने खून से सींच कर धरती को,

हम को आज़ादी का एहसास दिलाते।


इन वीरों की शहादत का है ये परिणाम,

जो कायम है ये आज़ादी का मुकाम,

इन शूरवीरों की शौर्य गाथा से,

इतिहास के पन्ने भरे पड़े हैं।


विनम्र नमन है मेरा,

वीर शहीदों को,

जिन्होंने इतिहास रचे हैं,

जय जवान जय भारत।


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