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Krishna Bansal

Drama Classics Inspirational

5.0  

Krishna Bansal

Drama Classics Inspirational

यह घर

यह घर

1 min
405


बहुत मुश्किल होता है 

एक लड़की के लिए

'वह घर' छोड़ना 'यह घर' अपनाना 

सदा सदा के लिए।

 

लड़की का मायके से 

ससुराल में प्रवेश 

सब कुछ बदला बदला सा 

भय, संदेह, भविष्य की चिंता 

अधूरे सपनों 

को पूरा करने की आशा।


अपनी छवि को 

बढ़िया बनाने का प्रयत्न 

स्वयं को यहां टिकाना 

नए परिवेश में ढालना 

बहुत मुश्किल होता है।


संजीवनी है 

लड़की की सहनशीलता 

अपनी जड़ें छोड़ 

पराया घर, पराए लोग 

अनजान वातावरण 

बसना मुश्किल होता है।


परिवार एकल हो या संयुक्त 

दोनों की अपनी-अपनी समस्याएं 

विवाहित जीवन की 

समस्याओं से जूझना 

हर कदम 

फूँक फूँक कर चलना

सच में मुश्किल होता है।


नौकरी है आज के 

ज़माने की मजबूरी। 

घर गृहस्थी के बीच 

तालमेल बिठाती नारी 

अपना वज़ूद खोजती नारी 

कठिन डगर है 

'यह घर' की लंबी यात्रा।

 

ऐसा भी नहीं है कि

केवल संघर्ष, तनाव, मुसीबतें,

समस्याओं का नाम ही है

'यह घर' बहुत खुशियां भी हैं इसमें 

बड़े बुज़ुर्गों की छत्रछाया 

बच्चों का प्यार 

पति का साथ।


केवल मांगता है 

दंपति से एक वायदा 

परिवार बचाने हेतु त्याग करेंगे

बच्चों को अच्छा इन्सान बनाऐंगे।

हर परिस्थिति का 

सामना करना सिखायेंगे।


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