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Ayush sati

Crime Others

3  

Ayush sati

Crime Others

तेजाब एक दर्द

तेजाब एक दर्द

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आए हो मेरी जिन्दगी में तुम एक शाप बन के 

आए हो मेरी जिन्दगी में तुम एक शाप बन के

किसी और पर न फिकना 

किसी और पर न गिरना हाय

किसी और पर न फिकना जिन्दगी का काल बन के 

आए हो मेरी जिन्दगी में तुम एक शाप बन के


घूंघट में ना ढली थी

रंगो में भी खिली थी

घूंघट में ना ढली थी

रंगो में भी खिली थी

सूनी थी ना हवाएं 

खुशबू भी मनचली थी


ये कैसा दिन है आया मुझ पे सवाल बन के

ये कैसा दिन है आया मुझ पे सवाल बन के

कहीं और पर न बिकना

किसी और को न मिलना 

अब और तुम ना फिकना हाय

अब और तुम न फिकना चेहरे का दाग बन के

आए हो मेरी जिन्दगी में तुम एक शाप बन के


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