सब्र करो
सब्र करो
सब्र करो सब्र का फल मीठा होता है
मैं जानता हूँ तु मेरा बुरा करके चैन से सोता है।
कई बार मैने देखा है तुम्हें चुपके से हंसते हुए ,
मैं जानता हूँ तुने किसके मैयखाने में ज़हर घोला है।
हर कोई चाहता है तुझे अपने पास बिठाना,
पर याद रख अब कोई तेरी बातों में नहीं खोता है।
