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Tanha Shayar Hu Yash

Romance Tragedy Classics

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Tanha Shayar Hu Yash

Romance Tragedy Classics

कुछ ज़िंदा आज भी हैं 

कुछ ज़िंदा आज भी हैं 

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मरे हुए लोगों में कुछ ज़िंदा आज भी हैं हाँ,
अगर कुछ ग़म हैं तो कुछ ख़ुशियाँ आज भी हैं।

टूटे ख़्वाबों की राख में दबे हैं जो दीये,
अँधेरों के सीने में कुछ रौशनियाँ आज भी हैं।

जिन्होंने सीखा था मुस्कुराना हालात से लड़कर, उन आँखों में नम सही, पर हिम्मतें आज भी हैं।

भीड़ ने कुचल डाला जिन एहसासों की आवाज़ को, ख़ामोशी के शहर में कुछ सिसकियाँ आज भी हैं।

वक़्त ने छीने बहुत से अपने, बहुत से साये,
पर दुआओं में उनकी कुछ सरपरस्तियाँ आज भी हैं।

कई ज़िंदगी से हार गए, साँसों का बोझ ढोकर,
पर कुछ दिलों में जीने की जिद्दें आज भी हैं।

"तन्हा शायर यश", का दर्द से रिश्ता पुराना है,
फिर भी इस टूटी रूह में कुछ शायरियाँ आज भी हैं

तनहा शायर हूँ यश


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