STORYMIRROR

Akash Yadav

Romance

3  

Akash Yadav

Romance

इम्तिहान

इम्तिहान

1 min
238

ये ज़माना जो हैं

हमें नीचा भी दिखायेगा

हमे जुदा करने को

कई बहाने भी बनाएगा


हकीकत तो तुम्हारे सामने हैं

ये ख्वाबों में भी डरायेगा

कुछ झूठे ताने सुना कर

ये दूरी बनाना चाहेगा


पर इतना जो सहा 

कुछ थोड़ा और सही

हमे देख-देखकर ये

खुद ही बदल जायेगा


देखो इश्क़ जो हैं

इम्तिहान तो माँगता हैं

पर हर इम्तिहान के साथ 

ये निखर कर ही आयेगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance