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Dr. Anuradha Jain

Romance

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Dr. Anuradha Jain

Romance

राहतें

राहतें

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सपनों की चादर

प्रेम के धागे

इक इक टांका 

बुने दिल सोते जागे

बिन बातें मुस्कुराहटें

कुछ भीनी भीनी आहटें

कुछ खामोशी

गहन राहतें।


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