Dr. Anuradha Jain
Inspirational
जी खोल के मुस्कान
आज है जिंदगी
जो पाना है पा जाओ
कि आज है जिंदगी
ना गर्व में गर्वाओ
कि है आज जिंदगी
एक क्षण भी ना गंवाओ
गिरे को भाग उठाओ
कि कारवां बनाओ
है आज जिंदगी
कब तक
म।क
सुहानी
एक गूंज
बंद-बंद
आज
आओ बदले
शांति
ऐसा यदि हो जा...
देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा दान। देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा द...
सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया। सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया।
निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा है। निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा...
अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी
इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है! इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है!
पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम. पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम.
जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी जिद कर और पूरी क जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी ज...
उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ही तो मेरी जागीर है।.... उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ह...
उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर। उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर।
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा। मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा।
वे तो उठाते रहेंगे उंगलियां हर रोज नई उंगलियां...... वे तो उठाते रहेंगे उंगलियां हर रोज नई उंगलियां......
तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान। तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान।
जिससे मिले किसी को प्ररेणा वो सच मे है, असल कविता, शब्द। जिससे मिले किसी को प्ररेणा वो सच मे है, असल कविता, शब्द।
ऐसा प्रेम मधुर हो जिसको, याद करे यह दुनिया सारी। ऐसा प्रेम मधुर हो जिसको, याद करे यह दुनिया सारी।
समाज की जलती सोच का आलिंगन कर, मैं चल पड़ा हूँ बेफिक्र, इस जीवन पथ पर। समाज की जलती सोच का आलिंगन कर, मैं चल पड़ा हूँ बेफिक्र, इस जीवन पथ पर।
अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा। अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा।
बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को जगाते हैं. बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को...
ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता। ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता।
पहिये की भांति वक्त, चलता रहता है, झुकाता है जग को,स्वयं नहीं झुकता है। पहिये की भांति वक्त, चलता रहता है, झुकाता है जग को,स्वयं नहीं झुकता है।
मां बाप का पूजन करें हम श्रद्धा के साथ इसी तरह से पेड़ को सींचे अपने हाथ। मां बाप का पूजन करें हम श्रद्धा के साथ इसी तरह से पेड़ को सींचे अपने हाथ।