Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Kavita Verma

Inspirational

4.1  

Kavita Verma

Inspirational

वह औरत

वह औरत

2 mins
816


वह औरत 

जो सिर्फ एक औरत थी 


वह औरत 

जब बन कर आई थी बहू 

धान का कलश छलका कर 

किया था ग्रह प्रवेश 

उसी दिन उसी समय से 

बन गई वह घर की 

समृद्धि की दारोमदार 


कभी दूध में कटौती कर 

कभी बच्चों की थाली में 

बची सब्जी से संतुष्टि कर 

जतन से छुपा कर पहनती रही 

बाँह से फटे ब्लाउज

सिकोड़ती रही अपने पैर 

ताकि चादर बनी रहे 

पर्याप्त लंबी ताकि

सब पसार सकें अपने पैर 


बड़े चाव से  

जोड़े गए पैसों से खरीदी 

लाल किनारी की वह साड़ी 

हल्दी कुंकुम का तिलक लगा 

कर दी भेंट छूकर चरण 

यूँ ही भाई से मिलने आई 

ननद को 

उसके हाथ सहेज रहे थे 

द्वार पर बिखरे वो धान कण

इस घर की समृद्धि 

कभी न हो कम 

न जाए बहन बेटी कभी 

खाली हाथ 


वह औरत 

करती रही मामेरा 

मुंह दिखाई, मंडप, 

चीगट सूरज पूजा 

अनसुने कर सब विरोध 

और गुनती रही 

माँ और सास के आशीर्वचन 

टटोलती रही अपने सर पर 

उनका हाथ

 कि दोनों घर की लाज 

निभाना है उसे 

न कम होने दिया 

मान उसने कहीं भी। 


वह औरत 

छुपा कर अपने घुटनों 

कमर का दर्द 

करती रही पैरवी 

अब के एक और गाय लेने की 

कि छुटके की बहू और बेटी की 

जचकी है साथ-साथ 

कि अब दो और घर हैं 

बनाए रखने को मान। 


कर के विरोध 

घर परिवार रिश्तेदार 

पति और खुद के बेटों का 

भेजा बेटी को शहर 

पढ़ी लिखी बहू को 

बाहर नौकरी पर 


बिना शिकायत संभालती रही 

घर, अपनी उम्र की 

थकान को छुपाते हुए 

वह औरत मनाती रही 

महिला सशक्ति वर्ष जीवन पर्यंत


वह औरत 

जिसने न पाए 

कहीं कोई इनाम 

न बनाया महिला दिवस 

न उठाया सिर कभी 

अपने अधिकारों के लिए 

पर बनी रही 

सब के आदर का केंद्र बिंदु 

संभाले रही खिताब 

माँ सास बहू 

बहन बुआ मामी 

अम्माजी काकी का 

मनाती रही महिला दिवस 

अपनी जिंदगी के हर दिन हर पल।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational