आज़ादी का महत्व
आज़ादी का महत्व
आज़ादी का महत्व पूछना है,
पूछो उस पंछी से,
जो पिंजरे के अंदर ही,
जीवन पूरा जी लेता है,
या पूछो उस तोते से,
जो पिंजरे में बंद मिट्ठू मिट्ठू गाता है,
पर नील गगन में खुली हवा में,
मीलों उड़ना चाहता है,
आज़ादी का महत्व पूछना है,
पूछो उस शेर से,
जो चिड़ियाघर में बंद,
मनोरंजन का साधन बन जाता है,
या भुजंग जो बीन सपेरे की,
सुन नाच दिखाता है,
पर जंगल की धरती माटी,
फिर से छूना चाहता है,
आज़ादी का महत्व पूछना है,
पूछो उस बच्चे से,
जो भूल गया है नाम भी अपना,
बस छोटू ही कहलाता है,
या उस बंदी जीवन से,
जो जेलों में बंद सदा रह जाता है,
पर हर दुआ में वो केवल,
आज़ादी पाना चाहता है,
आज़ादी का महत्व पूछना है,
पूछो वीर भगतसिंह से,
आज़ादी को तड़प उठी ,
वो झांसी रानी शक्ति से,
या पूछो कालापानी में ,
कैद हुए कई वीरों से,
जलियांवाला बाग में उन,
फंसे वीर शहीदों से,
नभ में उड़ता खग क्या,
आज़ादी का मोल लगाएगा,
जिसने देखी नही गुलामी,
दर्द समझ क्या पाएगा,
तुम और मैं जो आज़ादी को,
अधिकार समझ कर चलते हैं,
इसके पीछे मोल कई हैं,
क्या परवाह हम करते हैं,
कर्तव्यों के बिना कभी,
अधिकार अगर हावी होंगे,
निश्चित ही वह अधिकार खोखले,
व्यर्थ निष्प्रभावी होंगे,
इस जग में हर मिली चीज़ का,
मोल चुकाना पड़ता है,
छोर जानने अम्बर का,
क्षितिज की सीमा तक जाना पड़ता है,
आज़ादी एक मूल्यवान उपहार,
मिला है हम सब को,
खो ना दें हम मूर्खता में,
इस अमूल्य उत्तम क्षण को,
महत्व समझ लें आज़ादी का,
दायित्वों कर्तव्यों का,
आज़ादी के लिए मिटे,
मरे कटे के शहीदों का,
तुम और मैं संरक्षित कर लें ,
इस पावन आज़ादी को,
केवल नारों में ना खो जाएं,
चलो बदल चलें परिपाटी को।
