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Kavita Verma

Romance

4  

Kavita Verma

Romance

ज्यामिति

ज्यामिति

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वृत में 

नहीं होते कोई कोण 

चलते घूमते जिंदगी का वृत 

रुकते अटकते कुछ बिन्दुओं पर 

बनते जाते है कई कोण त्रिकोण।

और वृत घूमता जाता है 

जोड़ते हर कोण को 

जिंदगी चलती रहती है 

घूमते वृत की परिधि पर 

रुकते अटकते कई कोणों पर।  


तुम मैं और जिंदगी 

त्रिकोण के जैसे तीन कोण 

कोशिश में मिलने को 

कोई मध्य बिंदु न पा सके 

और समय बीत गया। 


तुम मैं और जिंदगी 

त्रिकोण के जैसे तीन कोण 

जुड़े रहे एक रेखा से 

प्यार जो पुल बन गया 

संभाले अपना अस्तित्व 

एक दूसरे से दूर 

लेकिन जुड़े हुए। 


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