STORYMIRROR

Amit Kumar

Classics Inspirational

4  

Amit Kumar

Classics Inspirational

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन

1 min
387

भाई बहन के प्रेम का

अनूठा है यह प्रेम बन्धन

हम सब इसे कहते है

रक्षाबंधन पर्व 

बहन की रक्षा की सौगंध

इस पर्व की शाख है


भाई के हाथों बहन का

यह प्रेमोचितय सम्मान है

हर एक बहन इस दिन भाई से

बहुत लाड़ लड़ाती है

मेरा भैया प्यारा भैया 

कहकर उसे चिढ़ाती है


बहन भाई की कलाई पर

प्रेम धागा बांधकर

अपनी रीत निभाती है

इस दिन दूर देश के भाई भी 

अपनी बहनों का प्यार राखी के रूप में पाते हैं


उस प्रेम धागे को चूमकर

अपनी प्यारी बहन की बलाए उठाते है

खुश रहना प्यारी प्यारी बहना

हम भाई है तेरे तेरी रक्षा के लिए

हम अपनी कसम उठाते हैं......


तुमसे ही जाना है जीवन 

जीवन ही तुमसे है

बड़े खुशनसीब है वो भाई

जिन्हें बहन नसीब है

वो भी किसी के भाई है


जिन्हें न बहन नसीब है

रक्षाबंधन पर्व एक धरोहर है

जो किसी की धर्म बहन ने

अपने धर्म भाई से शुरू की

यह एक प्रीत है जो

अपनों की अपनो के लिए प्रीति है.....


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics