STORYMIRROR

Amit Kumar

Others

3  

Amit Kumar

Others

नायाब

नायाब

1 min
220


तुझे दिल ने

इतना नायाब कर

दिया है....

मानो खुद के लिए

अज़ाब कर दिया है

तुझे दिल ने

इतना नायाब कर

दिया है....

आओ कुछ उनकी भी

ख़ैरियत पूछे

जिन्होने तेरी आँखों को

शराब कर दिया है

तुझे दिल ने

इतना नायाब कर

दिया है....

मेरी तो मैं नही माना

आज तलक

तूने नही माना तो

क्यों खाना ख़राब 

कर लिया है

तुझे दिल ने

इतना नायाब कर

दिया है....

उनकी मासूमियत की

दुनियाँ दीवानी है

फिर किसने यह

मेरे दिल मैं

क़त्ल-ए-आम कर 

दिया है....

तुझे दिल ने

इतना नायाब कर

दिया है....

     


Rate this content
Log in