Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Pinky Dubey

Abstract Classics Inspirational


4  

Pinky Dubey

Abstract Classics Inspirational


इज्ज़त करो उनकी

इज्ज़त करो उनकी

1 min 240 1 min 240

जबसे मैंने होश सबाल

देखा मैंने उन्हे मेहनत करते

देखा उन्हें घर सबालते

देखा उन्हें काम पर जाते

देखा मैंने उन्हें अपना खाना मुझे कहलाते


क्यूँ इतना अच्छा भगवान ने उन्हे बनाया

क्यूँ फिर भी हम दुःख उन्हे है देते

क्यूँ हम उनके नहीं समजते

क्यूँ हम उनके तंग है करते

क्यूँ हम उनकी इज्ज़त नहीं है करते


कहते है भगवान हर जगह नहीं होते

इस लिए बनाते है वोह माँ और पिता

जो एक भगवान की तरह

बच्चों की हर ज़रुरत को करते है पुरा

पूरी जिंदगी माँ और पिता हमे है पालते

क्यूँ हम उनको उस पल पर छोड़ देते


जिस पल उनको हमारे सब ज़्यादा ज़रुरत होती है

क्यूँ हम उनको नहीं समझते

खुद नसीब है वोह लोग जिनके माँ और पिता है

इज्ज़त करो उनकी दिल न दुखाओ

जिंदगी में भगवान मौका एक बार देते हैं


इज्ज़त करो उनकी

मत ठुकराओ उन्हें।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Pinky Dubey

Similar hindi poem from Abstract