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Mrs. Mangla Borkar

Classics Inspirational

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Mrs. Mangla Borkar

Classics Inspirational

पिता का स्नेह

पिता का स्नेह

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प्यार का सागर ले आते

फिर चाहे कुछ न कह पाते

बिन बोले ही समझ जाते

दुःख के हर कोने में

खड़ा उनको पहले से पाया


छोटी सी उंगली पकड़कर

चलना उन्होंने सीखाया

जीवन के हर पहलु को

अपने अनुभव से बताया


हर उलझन को उन्होंने

अपना दुःख समझ सुलझाया

दूर रहकर भी हमेशा

प्यार उन्होंने हम पर बरसाया


एक छोटी सी आहट से

मेरा साया पहचाना,

मेरी हर सिसकियों में

अपनी आँखों को भिगोया


आशिर्वाद उनका हमेशा हमने पाया

हर ख़ुशी को मेरी पहले उन्होंने जाना

असमंजस के पलों में,

अपना विश्वाश दिलाया


उनके इस विश्वास को

अपना आत्म विश्वास बनाया

ऐसे पिता के प्यार से

बड़ा कोई प्यार न पाया।


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