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राजेश "बनारसी बाबू"

Tragedy Classics Others

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राजेश "बनारसी बाबू"

Tragedy Classics Others

छोटी सी गुफ्तगू खुद से

छोटी सी गुफ्तगू खुद से

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कहना चाहते हैं कुछ दिल की बात ? 

कहिए *राजेश सिंह* के सा थ?


मै गंगा घाट का छोरा हूंँ

भोलेनाथ की नगरी 

 *काशी* में बसता हूं


प्यार से लोग *राज* बुलाते हैं।

हम भी मन ही मन मुस्कुराते हैं।


क्रिएटिव मेरी दुनिया है। 

ब्रश और पेंटिंग मेरी जान।


अपनी क्रिएटिविटी की दुनिया में खोए रहना।

बस यही अपनी पहचान।


स्टोरी कविता से अपनी भावना उकेरता हूंँ।

दिल की हर बात सीधे ब्रश और कलम से कहता हूंँ।अ

पने कुकिंग से अपनी मिठास बतलाता हूंँ।

क्या हूंँ मैं ?अपनी कहानी के जरिए जताता हूंँ।


अपनी बेरंग नश्वर भरी दुनिया में

खामोश रहकर भी,

लोगों की जिंदगी में रंग मै भरता हूंँ।


थोड़ा सा ट्रैवलिंग मेरा पैशन है

मास्टर ऑफ टूरिज्म डिग्री मेरा हमदम है।


थोड़ा सा पागल थोड़ा सा जिद्दी थोड़ा अठखेलियां करता हूंँ।

पेंटिंग स्टोरी कुकिंग यही छोटा सा घर है जिसमें मैं रहता हूंँ।


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