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राजेश "बनारसी बाबू"

Romance Classics

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राजेश "बनारसी बाबू"

Romance Classics

मुझे माफ कर दो जाना

मुझे माफ कर दो जाना

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मुझे माफ कर दो जाना

थोड़ा बात कर लो जाना

थोड़ा इंसाफ कर दो जाना

मुझे माफ कर दो जाना

क्यूँ खामोश हो जाना


क्यूं उदास हो जाना

यूँ नजरअंदाज ना करो जाना

यूँ मुझसे मुँह ना फेरो जाना

मुझे एक मौका दे दो मुझे

मेरी जान अब कुछ तों कह दो ना मुझे


मुझसे मेरी शिकायत कह दो जाना

मुझसे मेरी गलती कह दो मुझे

तुम बिन अधूरा हूँ जाना

तुम बिन कभी ना पुरा हूँ जाना

मै तुम बिन ना रह पाऊंगा जाना


तुम बिन अब मर ही जाऊंगा जाना

थोड़ी गलती हमसे हो गई जाना

थोड़ी हमसे बेरुखी हो गई जाना

कुछ तो मेरी सुन लो जाना

थोड़ी तो विनती सुन लो जाना


मुझसे थोड़ा बात कर लो जाना

थोड़ा मुझे माफ कर दो जाना

अब तन्हाई डसती है मुझे

अब जुदाई ना सहती हैं मुझे


अब अश्क़ रोके नही रूकती है जाना

घर तुम्हारा इंतजार करता है जाना

अपना डॉगी इंतजार करता है जाना

ये टिक टिक घड़ी तंग करता है जाना


जल्दी से घर आ जाओ जाना

दौड़ के सीने से लग जाओ जाना

अब यू मुझे रुलाओ ना जाना

अब कुछ ना सही लगता है जाना

सब कुछ खत्म सा लगता है जाना


मुझे माफ कर दो जाना

थोड़ा तो बात कर लो जाना

तुम्हारी बहुत याद आती है जाना

अश्कों से तकिया भींग जाती है जाना

एक गलती के लिए क्यू हमे छोड़ गई जाना


बिन बोले ही क्यूं मुझसे मुहं मोड़ गई जाना

क्यूं हमसे अब रूठ गई हो जाना

गलतियां सबसे होती है जाना

मुझसे भी गलती हो हो जाना

एक गलती से सब कुछ ख़त्म हो गया जाना


क्या हमसे इतनी ही मोहब्बत है जाना

मै बिल्कुल तुम बिन टूट गया हूँ जाना

थोड़ा इंसाफ कर दो जाना

आखिरी बार माफ कर दो मुझे।


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