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Lakshman Jha

Romance

4  

Lakshman Jha

Romance

सजना है सजना के लिए

सजना है सजना के लिए

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काले से कुंतल मेरा रंगना ,

लाल से मेरी माँग भरो ,

नयनों में काजल की रेखा ,

हल्की लाल से होंठ रंगो !!


हल्दी चन्दन के लेपों से ,

मेरे तन को उबटन कर दो ,

रूप सजाना ऐसा मेरा ,

सब रंगों से मुझको भर दो !!


हाथों मेँ मेंहदी की लाली ,

मेरे पावों को भी रंग देना ,

खुसबू तरह- तरह की लाकर ,

मेरे तन- मन में तुम भर देना !!


झुमका ,वाली, चूड़ी ,ढ़डकस,

आभूषण से मुझे सजना ,

सुंदर -सुंदर परिधानों से ,

मेरे तन को खूब सजना !!


दर्पण भी शरमा के कहे , 

सुंदरता की तुम मूरत हो ,

एक बार जो देख ले तुझको,

जीवन उसका सफल कर दो !!



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