STORYMIRROR

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Romance

3  

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Romance

साथी "

साथी "

1 min
0


मुझे है गर्व अपनों पर मिला है आपका ही साथ !

कभी छूटे नहीं बंधन ना छूटे आपका ही हाथ !!


सदा हो प्रेम की बारिश सदा हो साथ अपनों का !

ना बिछुड़े हम कभी दोनों महल बन जाय सपनों का !!


कभी जो हम भटक जाएँ मुझे तुम राह दिखलाना !

संभालना भूल जायेँ हम सहारा तुम मेरा  बनना !!



अकेले कुछ नहीं होता नहीं मंजिल को पा सकते !

कोई यदि साथ भी ना हो मजे से जी नहीं सकते !!


खुशी के पल में हम दोनों मजे से गीत गाएँगे !

नहीं गम पास आएगा सदा ही मुस्कुराएंगे !!

===================

डॉ लक्ष्मण झा परिमल

11  1 2026

 

401


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance